डूबते हुए सूरज ने कहा- 'मेरे बाद इस संसार में मार्ग कौन दिखलायेगा? कोई है जो अंधेरों से लड़ने का साहस रखता हो?' और फिर एक टिमटिमाता हुआ दीया आगे बढ़ कर बोला -- 'मैं सीमा भर कोशिश करूँगा!' - सलीम खान, लखनऊ/पीलीभीत, उत्तर प्रदेश Email: swachchhsandesh@gmail.com

क्या भगवान् सत्य साईं बाबा ईश्वर है? Is Satya Sai Baba the god?

Written By सलीम ख़ान on शुक्रवार, 8 अप्रैल 2011 | Friday, April 08, 2011

पिछले हफ़्ते से ईश्वर के अवतार भगवान् श्री सत्य साईं बाबा जी सेहत ठीक नहीं है. उन्हें अनन्तपुर में किसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. जहाँ उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है. उनकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया है जिसे CRRT के ज़रिये चलाया जा रहा है. उनकी श्वास प्रणाली भी ठीक से काम नहीं कर रही है. उनके फेफड़े में पानी घुस गया है जिसकी वजह से उनको सांस लेने में काफ़ी परेशानी हो रही है. उन्हें निमोनिया हो गयी है.

सत्य साईं बाबा के बारे में:::
त्य साईं बाबा का वास्तविक नाम 'सत्यनारायण राजू' है जिनका जन्म 23 नवम्बर 1926 को हुआ था. सन 1940 में उन्होंने दावा किया कि वे ईश्वर का अवतार हैं. वे बहुत ज़्यादा लोकप्रिय हुए जब उन्होंने तरह-तरह के चमत्कार दिखने शुरू किया- जैसे हाथ में अचानक सोने की चेन ले आना, अपने पेट से उल्टी के ज़रिये सोने की बॉल उगलना आदि-आदि. लेकिन सन 1990 में ईश्वर के अवतार ने एक मानव के आरोपों से आहत होकर चमत्कार दिखाना बन्द कर दिया. उस मानव ने उन पर यौन-शोषण व जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया था.


सलीम ख़ान का आध्यात्मिक विश्लेषण:::
हिन्दू धर्म की सर्वोच्च किताबों 'वेदों' में कई जगह ईश्वर के गुण व विशेष लिखें है और मैं जहाँ तक जानता हूँ जब भी कोई चीज़ वेदों के खिलाफ़ जाएगी वह स्वतः ही हिन्दू धर्म के विरुद्ध हो जायेगी. ईश्वर के गुण के लिए वेदों में लिखा है-


एकं ब्रह्मा द्वितीयो नास्ति... अर्थात ईश्वर एक ही है दूसरा नहीं है.


और 


न तस्य प्रतिमा अस्ति.... अर्थात उसकी (ईश्वर की) कोई भी प्रतिमा, मूर्ति, फोटो, छवि नहीं हो सकती है.


ईश्वर तो एक ही है मगर वह अवतार लेता है:::
वास्तव में अवतार की कल्पना में मिलावट आ गयी. अवतार से मुराद यह होने लगा कि ईश्वर खुद मनुष्य के रूप में जन्म लेता है जबकि हक़ीक़त यह है कि ईश्वर स्वयं मनुष्य के रूप में जन्म न लेकर मनुष्य में से अपना कोई प्रतिनिधि चुनता था जो लोगों को ईश्वर की तरफ़ बुलाने वाला होता था. जैसे- प्राचीन काल के ऋषि व मुनि, पैग़म्बर आदि.


इन दोनों ने ही आरोप लगाया था
श्री राम और कृष्ण ईश्वर का अवतार है. अगर हम उन्हीं की तर्ज पर सत्य साईं बाबा को अवतार मान लें तो क्या ईश्वर का अवतार इस दयनीय स्थिति पर पहुँच गया कि उसे स्वयं जीवन रक्षक प्रणाली के बलबूते इंसानी डाक्टर ज़िन्दा रख रहें हैं. हम उनकी बिमारियों की तरफ़ तवज्जोह फ़रमायें तो पाएंगे कि उनमें भी वही सब बीमारी है जो आम इंसान में है. और अगर वे वाक़ई चमत्कारी अवतार हैं जैसा कि उन्होंने 1990 से पहले चमत्कार करें थे तो फिर अब क्या हुआ ! उन्हें जो दूसरों को सही कर रहें थे स्वयं को क्यूँ नहीं सही कर पा रहे हैं.


भारत देश के महान नेता, अभिनेता, उद्योगपति जैसे आधुनिक लोग जो अपने साथ अथवा अपने उत्पाद के विज्ञापन के लिए अधनंगी-नंगी लकड़ियों को शूट करते है सत्य साईं बाबा के भक्त हैं. उन्हें सत्य साईं बाबा ने नहीं समझाया कि वे या अनैतिक कार्य करना बन्द कर दें. ईश्वर की आदरणीय अनुकृति नारी के अपमान के बारे में सत्य साईं बाबा ने कुछ नहीं बताया उन्हें. और लीजिये उन्हीं के सामने साईं जी ने अनेकानेक चमत्कार दिखाए जिसे नीचे दिखाए गए विडियो के ज़रिये बुरी तरह एक्सपोज़ किया जा चुका है. 

सत्य साईं बाब के नक़ली चमत्कारों के खुलासे का विडियो देखें:::


आरोप:::

तो क्या भगवान् सत्य साईं बाबा ईश्वर है? बिलकुल सीधा-सादा सा सवाल !! क्या इसका जवाब आपके पास है? अगर है तो मेरा टिपण्णी बॉक्स खुला है आप उसमें ज़रूर जवाब दीजिये?

-सलीम ख़ान 

5 पाठकों ने अपने विचार व्यक्त किये:

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

अगर इन लोगों को सच्चाई का सही इल्म होता तो ये लोग ऐसी बात न कहते .
सही बात इन तक पहुँचाना हमारी ज़िम्मेदारी थी और है . हम अपनी ज़िम्मेदारी अदा करेंगे तो इन लोगों को सही बात पता चल जायेगी.
मुस्लिम बुजुर्गों के मजारों पर जाने वालों में हिन्दू भी होते हैं . अच्छाई को बढाकर हम बुराई को दबा सकते हैं .

Dr. Ayaz Ahmad ने कहा…

बहुत अच्छी पोस्ट

हरीश सिंह ने कहा…

क्या भगवान् सत्य साईं बाबा ईश्वर है? जी नहीं यह व्यक्ति कभी भी ईश्वर का अवतार नहीं हो सकता. ईश्वर से तुलना करना ही ईश्वर का अपमान है.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

http://harf-e-galat-ll.blogspot.com/2011/04/blog-post_23.html

महेश बारमाटे "माही" ने कहा…

Saleem ji...

achcha hua apne ye baat likhi... warna Satya Saai ke baare me agar main likhta to main bhi yahi sab likhta...

aakhir jab Sai baba ne khud kaha hai ki main ishwar nahi hu, Sabka Malik ek hai, or aise nakli chamatkar bhi unhone nahi kiye kabhi to ham aise insan ko bhagwan kaise maan len jo apni raksha khud na kar paayen... jisko bharat se jyada videsh ke log achche lagen?

JAb Bhi koi maha purush is duniya me aaya hai to usne ek hi baat kahi or likhi hogi ki SAbka Malik Ek Hai... to log unhi insano ko jane kyon bhagwan maan lete hain ... ?

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