डूबते हुए सूरज ने कहा- 'मेरे बाद इस संसार में मार्ग कौन दिखलायेगा? कोई है जो अंधेरों से लड़ने का साहस रखता हो?' और फिर एक टिमटिमाता हुआ दीया आगे बढ़ कर बोला -- 'मैं सीमा भर कोशिश करूँगा!' - सलीम खान, लखनऊ/पीलीभीत, उत्तर प्रदेश Email: swachchhsandesh@gmail.com

किसी मुसलमान का नर-मुंड काट कर NON-VEG शुरू करूँगा: अंकित Therealscholar

Written By सलीम ख़ान on रविवार, 3 अप्रैल 2011 | Sunday, April 03, 2011

अंकित
आज सुबह जब मैं फेसबुक पर लॉग-इन था तो अचानक एक मैसेज उभर कर सामने आया जिसमें लिखा था - "आज तो तुम भूखे रहोगे, भारत ने विश्व-कप जीत लिया है." मैंने ग़ौर से देखा तो वो मैसेज-कर्ता कोई और नहीं साईंस ब्लॉगर्स एसोशियेशन का एक सदस्य था चूँकि मैं भी SBA का सदस्य हूँ इसलिए मैंने उन्हें पहचान लिया. वो कोई और नहीं बल्कि अंकित Therealscholar था.

मुसलमान का नरमुंड काटूँगा
मुझे बहुत दुःख हुआ कि कितनी आसानी से ये किसी देशभक्त मुसलमान को देश-द्रोही कहने से हिचकिचाते नहीं है. मैंने फ़िर भी बड़े इत्मिनान से जवाब दिया कि, "नहीं ऐसा नहीं है, मेरी तो आज टुंडे कबाबी, लखनऊ की ट्रीट है" एक दोस्त के ज़रिये. जिसका नाम संतोष है और उसने कहा था कि श्रीलंका जीतेगी. जिस पर मेरी उससे ट्रीट अब तय हो गयी क्यूँकि हमारे भारत ने विश्वकप जीत लिया है.

देशद्रोही सलीम
बात चूँकि टुंडे-कबाबी की थी इसलिए वेज और नॉन-वेज का ख़याल मन में आया और मैंने उससे पूछा - "आप वेजिटेरियन हैं अथवा नॉन-वेजिटेरियन हैं?"

तो उसने जवाब दिया- "वेजिटेरियन......"

मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि इस विज्ञान के युग में एक वैज्ञानिक सोच का व्यक्ति वेजिटेरियन है लेकिन तभी मैंने सोचा भाई जिसकी जो मर्ज़ी वो खाए. मैंने उससे पूछा कि - "क्यूँ?"

लेकिन उसने जवाब दिया - "मैं एक हिन्दू हूँ और नॉन-वेज शुरू करूँगा एक मुल्ले की नर मुंडी काटकर खा जाने से."

मैं साइंस ब्लॉग के हुक्मरानों से पूछना चाहता हूँ कि क्या इस मुद्दे पर कोई बात करेंगे, मुझे नहीं लगता क्यूंकि वह तो वर्चुअल कम्युनिज्म चल रहा है. अगर मैं अपने ब्लॉग इस्लाम की बात करूँ तो अरविन्द मिश्र नाराज़ होकर किसी के थ्रू मुझे निकलवाने की धमकी देते रहते हैं. तो क्या अब अंकित की इस हरक़त पर SBA परिवार के मालिकान कुछ मेरी मदद करेंगे या कह देंगे कि यह सलीम और अंकित का आपसी मसला है!???  पाठक बन्धुवों ! मैं आगे न ही शिकायत करूँगा और न ही कोई बात. सुबूत के तौर पर फेसबुक की चैटिंग स्नैप शॉट मौजूद है.
फ़ैसला आपके हांथों में है !!!

5 पाठकों ने अपने विचार व्यक्त किये:

Dr. Ayaz Ahmad ने कहा…

nice

akhtar khan akela ने कहा…

sali bhaai hmare is desh men korvon ,kns or raavn kaa itihaas rha he or kuchh raaksh he jo abhi bhi unke vnshj hen lekin fikr ki koi bat nhin inshaa allaah hr yug men inke khaatme ke liyen koi jnm letaa he aese log yaa to jel men honge ya fir apni naadani ke liyen mafi mangenge . akhatr khan akela kota rajsthan

Ankit.....................the real scholar ने कहा…

चलो IRF के वेतनभोगी सलीम खान ने मुझ पर निजी आक्रमण करते हुए पोस्ट लिखी इसका सीधा अर्थ है की हम सन्मार्ग पर है और हमारे कार्यों के अरिदल में कोलाहल है | यद्यपि मुझे किसी देशद्रोही के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है परन्तु मैं इन तुच्छ आरोपों का उत्तर देना आवश्यक समझता हूँ |

पहली बात हाँ मैं शाकाहारी हूँ और मैं किसी भी स्थिति के मांसाहार प्रारंभ नहीं करूँगा , अब हिन्दू मांसाहार खा सकते हैं या नहीं ये समझाने के लिए भारतीय मनीषा को समझाना होगा जो की सलीम खान जैसे देशद्रोहियों के लिए संभव नहीं है |

Ankit.....................the real scholar ने कहा…

जहाँ तक इन snap shot का प्रश्न है तो ADOBE PHOTOSHP से कुछ भी किया जा सकता है | वैसे मैंने जब एक बार सलीम खान की फर्जी पोस्ट पकड़ी थी जिसमे उसने स्वयं ही एक फाके ID से स्वयं को धमकी दी थी , केवल लोक्प्रचार के लिए ये केवल उसका प्रतिशोध है ...........या शायद मेरे ब्लॉग की उस पोस्ट का जिसमे मैंने इंटरनेट जेहाद के सम्बन्ध में लिखा है .....वैसे सलीम खान नकली ID के क्षेत्र में कितनी क्षमता रखते हैं ये तो कम से कम ब्लॉग जगत में किसी से छिपा नहीं है |

अहसास की परतें - समीक्षा ने कहा…

अब तो अयाज़ अहमद ने भी बोल दिया nice, सलीम के नर मुण्ड से ही प्रारम्भ करते हैं

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