शुक्रवार, 7 सितंबर 2012

'नेपाली घुसपैठियों' पर किसी की नज़र क्यूँ नहीं पड़ रही !? 'Nepalese infiltrators' Why not have a look at that?


आये दिन देश भर से अलग-अलग शहरों से ये चिंताजनक (?) खबरें प्रकाशित होती रहती है कि बंगलादेश से आये लोग भले ही भारत में अपनी रोज़ी और भूख को मिटाने के लिए आयें हो, भले ही यह कूड़ा बीन कर अपना और अपने मासूम बच्चो का पेट पाल रहे हों मगर देश के लिए बहुत बड़ा (?) ख़तरा हैं. आज सुबह लखनऊ से प्रकाशित एक मशहूर अखबार की शीर्षक खबर पर नज़र डाली तो ऐसे लगने लगा कि लखनऊ शहर में नाले के किनारे रहने वाले ये कूड़ा बीनने वाले कितने खतरनाक हैं! उनकी हर एक हरक़त को कैमरे में क़ैद कर ऐसे ऐसे शीर्षकों और विश्लेषणों से प्रकाशित किया गया कि वो सीधे तालिबान से ट्रेनिंग लेकर आ रहे हों. मैं उस अखबार के लिनक्स यहाँ दे रहा हूँ.

मैं उसी अखबार से ये पूछना चाहता हूँ कि उन्हें ये भूखे, नंगे और कूड़ा बीनने वाले गरीब लोग जिन्हें ये बांग्लादेश से आये हुए बताते हैं से कभी पूछा कि ये कहा से आये हैं. नहीं न ! आखिर पूछेंगे क्यूँ ?? तो जनाब मैं बता दे दूं कि वो गरीब बेचारे अपने ही देश के अभिन्न अंग आसाम से आये हैं और कूड़ा इत्यादि बीन बाण कर अपनी रोज़ी रोटी चला रहे हैं.

मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या किसी की नज़र नेपाली घुसपैठियों पर नहीं पड़ती है जो देश में  माओवाद फ़ैलाने के ज़िम्मेदार हैं.

8 टिप्‍पणियां:

  1. आज इस ब्लॉग पे आना हुआ , देख के ख़ुशी भी हो रही है और दुःख भी .

    दुःख की बात है की सलीम जैसे पढ़े लिखे ! मुसलामानों की जब ये हालत है , ऐसे लेख डालता है की पढने वाला बिना रुके इस्लाम को लगातार गन्दी गालियाँ देता है ...
    (जितनी गलियां इसके लेख की वजह से मुसलमानों को पड़ती हैं उतनी गलियां शायद ही कोई अपने धर्म को दिलवाता हो )
    इतने के बावजूद ये खुद को महान विचारक समझता है ..

    ये खुद इस्लाम के नाम पर कलंक है जो इस्लाम के खिलाफ ही जहर फैला रहा है लोगों में ...

    हर पोस्ट में हिन्दुओं को टार्गेट करके नफरत फ़ैलाने से इस्लाम को फायेदा कैसे होगा ??? मुसलमान पहले से ही इतना नफरत करता है इस देश राष्ट्रगान संस्कृति और यहाँ के लोगों से , और कहाँ तक ले जाएगी ये नफरत ?
    लोग इतने बेवकूफ नहीं है , आस्तीन के साँपों को उन्होंने हजारों साल से पाला है इतना तो जान ही गए हैं की इस्लाम कभी दूसरे धर्म को इज्जत नहीं दे सकता ...केवल नफरत या गालियाँ ही देगा या दोगला व्यवहार करेगा सेकुलर दिखने के लिए ...

    पहले इस ब्लॉग का शीर्षक देख के मुझे लगा शायद कोई अच्छा मुसलमान मिलेगा मुझे, लेकिन पढने के बाद इतना अफ़सोस हो रहा है की बयां नहीं कर सकता ....इस्लाम का स्तर इतना ज्यादा गिर चुका है की जब खुद को नहीं सुधार पा रहे तो दूसरों पर कीचड फेंको बदनाम करो .. क्या यही धर्म है ?

    ये हालत केवल इंडिया में नहीं है ... दुनिया भर में मुसलमान जहाँ भी हैं दूसरे धर्मों Christians , Jews, Bhudhist, Jain, Hindus , sikhs से नफरत ही करता है ... जिसकी वजह से पश्चिम के शांति प्रिय देश भी अब इस्लाम के लिए अलग कठोर कानून बना रहे हैं, इस्लाम को छोड़ के आज तक उनको कभी दूसरे धर्म के लिए कठोर नहीं होना पड़ा...

    टाइम मिले तो सोचना इस्लाम दूसरे धर्मों से नफरत करना ही क्यों सिखाता है ? दुनिया की आबादी का ४५% होने के बावजूद इस्लाम (लोग नहीं# (धर्म)) क्यों खतरे में है ?

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  2. sallem bhai bangladesiyo ka sambandh kai apradhik gati vidhiyo me raha hai aur kachra binane wala chor ya apradhi nahi ho sakta kya, nepli log ka exmple nahi hai ki we desh me apradhi gati vidhi me hai,,,,,,, bangladeshiyo 100 example mil jayega

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    1. prakash patel bhai lagta hai aap akhbar nahi padhte, ganja aur charas , guns tarah tarah ke weapons up aur bihar me nepal se hi aata hai , Bihar-Nepal border road kyun ban raha hai pata karo aur indo-nepal border ki news liya karo.

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  3. मेरा कमेन्ट तो यहाँ से डिलीट है. मेरा मेलिंग सब्सक्रिप्शन भी बंद कर दो भाई. :)

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  4. मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या किसी की नज़र नेपाली घुसपैठियों पर नहीं पड़ती है जो देश में माओवाद फ़ैलाने के ज़िम्मेदार हैं.
    Mr. Salim, grow up. You must know that Maoists were trained in Indian army camp, sheltered in India and had preached against their own country making secret negotiations with India Raj.How can they be infiltrators (ghuspaithia) while your government had trained them to create instability in Nepal?

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  5. असल बात की तरफ ध्यान दें भाई .... पाकिस्तान के जीतने पर पटाखे फोड़कर ख़ुशी जताना .... अभी हाल में पाकिस्तानी दुस्साहस पर मुस्लिम धार्मिक नेताओं की ख़ामोशी आख़िर किसकी हित - चिंता प्रकट करती है . विचार कीजिए , फिर ऐसे भ्रामक पोस्ट डालिए .

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  6. भाई नेपाली लोग तो भारतीय सेना में भी है तो क्या वोह घुस्पेतिये होगये बंग्लादेसियों का तो काम ही गन्दगी फैलाना है वोह क्या साफ़ सफाई करेंगे. नेपाली अमन पसंद शांत कौम है उन्हें तो आधार भूत सुविधाओं के लिए भी जूझना पड़ता है भारत में मेहनत करके दो पैसे कम कर अपने गाँव या घर भेजते है अगर आइसे ही बात है तो यह बताओ कौनसी आतंकवादी गतिविधियों में किसी नेपाली का नाम आया हो लगता है आप देशद्रोही गतिविधियों को बढावा दे रहे हो बन्लादेसी घुस्पेतियों का समर्थन कर के कल से आपके लिए पाकिस्तानी भी घुस्पेथियं नहीं रहेंगे मेरी गुजारिश है कृपया सच लिखे बकवास नहीं.

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  7. to all my friends. Nepal and India are free to move each other country. and Nepali people would never think against India. after all Neapl had been a just like a part of India. The Nepali are poor but loyal person. so why Indian people like them. so infiltration is different thing dear.

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धन्यवाद.

सलीम खान (संरक्षक, स्वच्छ सन्देश

डूबते हुए सूरज ने कहा- 'मेरे बाद इस संसार में मार्ग कौन दिखलायेगा? कोई है जो अंधेरों से लड़ने का साहस रखता हो?' और फिर एक टिमटिमाता हुआ दीया आगे बढ़ कर बोला -- 'मैं सीमा भर कोशिश करूँगा!' - सलीम खान, लखनऊ/पीलीभीत, उत्तर प्रदेश Email: swachchhsandesh@gmail.com
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भारत में मुस्लिम आबादी कितनी है?